Wednesday, March 27, 2013

महकता आज भी


डॉ भावना कुँअर

होली में तूने
पिछले बरस जो
लगाया था गुलाल
खुशबू बन
महकता आज भी
मेरे कपोलों पर।

6 comments:

Krishna said...

बहुत प्यारा सेदोका है भावना जी बधाई।

Krishna said...

बहुत प्यारा सेदोका है भावना जी बधाई।

Madan Mohan Saxena said...



हृदयस्पर्शी भावपूर्ण प्रस्तुति.बहुत शानदार भावसंयोजन .आपको बधाई.होली की हार्दिक शुभ कामना .


ना शिकबा अब रहे कोई ,ना ही दुश्मनी पनपे
गले अब मिल भी जाओं सब, कि आयी आज होली है

प्रियतम क्या प्रिय क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं
हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .

Pratibha Verma said...



बहुत सुन्दर।। होली की हार्दिक शुभकामनाएं
पधारें कैसे खेलूं तुम बिन होली पिया...

KAHI UNKAHI said...

होली के रंग से भरे इस खूबसूरत सेदोका के लिए बधाई भावना जी...|
बधाई...|

ज्योति-कलश said...

बहुत सुन्दर रंग लिये मोहक सेदोका ...बहुत बधाई आपको !!
सादर
ज्योत्स्ना शर्मा